बिहार बोर्ड (BSEB) · Class 10 · भौतिक विज्ञान · 2025
भौतिक विज्ञान 2025 — पिछले वर्ष का पेपर (हल सहित)
Pathyacharya app डाउनलोड करेंप्रश्न और हल (73)
1. किरणों के समूह को कहते हैं (1 अंक)
सही उत्तर: (B) किरण पुंज
2. प्रकाश की किरणें गमन करती हैं (1 अंक)
सही उत्तर: (C) सीधी रेखा में
3. अवतल दर्पण किस प्रकार का दर्पण है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (B) अभिसारी
4. कार की हेडलाइट में निम्नलिखित में से किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (B) अवतल दर्पण
5. अवतल दर्पण की फोकस दूरी होती है (1 अंक)
सही उत्तर: (B) ऋणात्मक
6. किस दर्पण से हमेशा वस्तु से छोटा प्रतिबम्ब बनता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (C) उत्तल
7. तेल लगा कागज होता है (1 अंक)
सही उत्तर: पारभासी
8. सूर्य से आनेवाला प्रकाश पुंज निम्न में से कौन है ? (1 अंक)
सही उत्तर: समानांतर प्रकाश पुंज
9. निम्नलिखित में से कौन उत्तल दर्पण में बना काल्पनिक प्रतिबिम्ब है ? (1 अंक)
सही उत्तर: सीधा एवं छोटा
10. निम्न में से दर्पण सूत्र कौन है ? (1 अंक)
सही उत्तर: $\frac{1}{v} + \frac{1}{u} = \frac{1}{f}$
11. आभासी प्रतिबिम्ब कैसा होता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: सीधा
12. निम्न में से किस दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है ? (1 अंक)
सही उत्तर: उत्तल दर्पण
13. निम्नलिखित में से कौन उत्तल दर्पण की फोकस दूरी है जिसकी वक्रता त्रिज्या 32 सेमी है ? (1 अंक)
सही उत्तर: +16 सेमी
14. प्रकाश पुंज क्या है ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? (2 अंक)
प्रकाश की कई किरणों (rays) के समूह को प्रकाश पुंज या प्रकाश किरण पुंज (Beam of Light) कहा जाता है। यह एक ऐसा रास्ता होता है जिसमें प्रकाश ऊर्जा एक साथ चलती है।
प्रकाश पुंज के प्रकार:
प्रकाश पुंज तीन प्रकार के होते हैं:
1. समांतर प्रकाश पुंज (Parallel Beam)
उदाहरण: टॉर्च की रोशनी, लेज़र बीम।
2. अभिसारी प्रकाश पुंज (Convergent Beam)
उदाहरण : आवर्धक शीशा (Magnifying Glass) की किरणें।
3. अपसारी प्रकाश पुंज (Divergent Beam)
उदाहरण : मोमबत्ती से निकलने वाली रोशनी।
15. उत्तल लेंस की फोकस दूरी निकालने के लिए एक विधि का वर्णन करें। (5 अंक)
u–v विधि (Object Distance – Image Distance Method)
प्रयोग विधि:
1. ऑप्टिकल बेंच पर वस्तु, लेंस और स्क्रीन को एक सीधी रेखा में रखें।
2. वस्तु (जैसे जलती मोमबत्ती) को एक निश्चित दूरी पर रखें — इसे u (वस्तु दूरी) कहते हैं।
3. उत्तल लेंस को वस्तु से कुछ दूरी पर रखें और स्क्रीन को लेंस के दूसरी ओर धीरे-धीरे खिसकाएं जब तक स्क्रीन पर वस्तु की एक स्पष्ट, उलटी और वास्तविक छवि न दिखाई दे।
4. स्क्रीन पर छवि की स्थिति पर निशान लगाकर लेंस से उसकी दूरी मापें — इसे v (छवि दूरी) कहते हैं।
5. विभिन्न मानों के लिए u बदलें और हर बार संबंधित v का मान प्राप्त करें।
लेंस सूत्र का उपयोग करें:
जहाँ:
* = फोकस दूरी (Focal length)
* = वस्तु की दूरी (Object distance, हमेशा ऋणात्मक)
* = छवि की दूरी (Image distance, वास्तविक छवि के लिए धनात्मक)
हर बार और के लिए यह सूत्र लगाकर निकालें।
फिर विभिन्न प्रयोगों से प्राप्त के औसत को लें:
* वस्तु बाएं है ⇒ ऋणात्मक
* वास्तविक छवि दाएं है ⇒ धनात्मक
परिणाम:
उपरोक्त विधि से उत्तल लेंस की फोकस दूरी का सही मान निकाला जा सकता है।
16. वायु में प्रकाश की चाल, निर्वात की अपेक्षा होती है (1 अंक)
सही उत्तर: (A) कम
17. प्रकाश द्वारा प्रदर्शित कौन-सी घटना तारों की टिमटिमाहट में प्रदर्शित होती है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (D) अपवर्तन
18. निम्न में से आवर्धक शीशा (मैग्नीफाइंग ग्लास) कौन है ? (1 अंक)
सही उत्तर: उत्तल लेंस
19. कौन-सी लेंस में वास्तविक एवं आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बन सकते हैं ? (1 अंक)
सही उत्तर: उत्तल लेंस
20. ग्रह क्यों नहीं टिमटिमाते ? इसकी व्याख्या करें। (2 अंक)
* ग्रह, तारों की तुलना में पृथ्वी के बहुत करीब हैं। इस वजह से वे हमें बिंदु स्रोत की तरह नहीं, बल्कि एक विस्तारित स्रोत (extended source) या एक छोटी डिस्क की तरह दिखाई देते हैं।
* हम एक ग्रह को बहुत सारे बिंदु-स्रोतों का संग्रह मान सकते हैं।
* चूंकि ग्रह कई बिंदु स्रोतों का संग्रह है, इसलिए इन सभी बिंदुओं से आने वाले प्रकाश की चमक में होने वाले परिवर्तनों का कुल औसत लगभग शून्य हो जाता है। यानी, एक बिंदु से चमक में हुई कमी, दूसरे बिंदु से चमक में हुई वृद्धि द्वारा संतुलित हो जाती है।
* इस 'औसत प्रभाव' के कारण हमारी आँखों में प्रवेश करने वाले प्रकाश की कुल मात्रा लगभग स्थिर बनी रहती है।
संक्षेप में, तारे बहुत दूर होने के कारण बिंदु स्रोत होते हैं और उनका प्रकाश वायुमंडलीय अपवर्तन से आसानी से विचलित हो जाता है, जिससे वे टिमटिमाते हैं। वहीं, ग्रह पास होने के कारण विस्तारित स्रोत होते हैं और उनसे आने वाले प्रकाश पर वायुमंडलीय अपवर्तन का औसत प्रभाव नगण्य हो जाता है, इसलिए वे नहीं टिमटिमाते।
21. निरपेक्ष अपवर्तनांक किसे कहते हैं ? (2 अंक)
किसी माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक, निर्वात में प्रकाश की चाल (`c`) और उस माध्यम में प्रकाश की चाल (`v`) के अनुपात के बराबर होता है।
इसे गणितीय रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
निरपेक्ष अपवर्तनांक `(n) = निर्वात में प्रकाश की चाल (c) / माध्यम में प्रकाश की चाल (v)
या संक्षेप में,
``
22. प्रकाशानुवर्तन क्या है ? (2 अंक)
प्रमुख बिंदु:
1. यह तब होता है जब प्रकाश दो विभिन्न अपवर्तकांक (refractive index) वाले माध्यमों के बीच यात्रा करता है।
2. प्रकाश घने (denser) माध्यम में जाने पर झुकता है अभिलंब की ओर।
3. और विरल (rarer) माध्यम में जाने पर झुकता है अभिलंब से दूर।
23. पानी में रखा सिक्का उठा हुआ क्यों दिखता है ? (2 अंक)
माध्यम में परिवर्तन: यहाँ प्रकाश की किरणें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जा रही हैं - पानी (जो एक सघन माध्यम है) से हवा (जो एक विरल माध्यम है)।
अपवर्तन का नियम: जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है, तो वह अभिलंब (Normal) से दूर हट जाती है। अभिलंब वह काल्पनिक रेखा है जो दोनों माध्यमों की सतह पर लंबवत होती है।
आभासी प्रतिबिंब का बनना: हमारी आँखें इन मुड़ी हुई (अपवर्तित) किरणों को सीधी रेखा में आते हुए महसूस करती हैं। जब हमारी आँखें इन बाहर की ओर झुकी हुई किरणों को पीछे की ओर एक सीधी रेखा में बढ़ाती हैं, तो वे एक बिंदु पर मिलती हुई प्रतीत होती हैं। यह बिंदु सिक्के की वास्तविक स्थिति से थोड़ा ऊपर होता है।
निष्कर्ष: यह बिंदु जहाँ किरणें मिलती हुई प्रतीत होती हैं, सिक्के का आभासी प्रतिबिंब (Virtual Image) होता है। क्योंकि यह आभासी प्रतिबिंब सिक्के की वास्तविक गहराई (Real Depth) से कम गहराई पर बनता है, जिसे आभासी गहराई (Apparent Depth) कहते हैं, इसलिए हमें पानी में रखा सिक्का अपनी असल जगह से ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।
24. दृष्टिदोष क्या हैं ? यह कितने प्रकार के होते हैं ? इनका निवारण कैसे किया जाता है ? (5 अंक)
जब आँख की समंजन क्षमता (power of accommodation) क्षीण हो जाती है, जिसके कारण व्यक्ति वस्तुओं को आराम से और स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है, तो इसे दृष्टिदोष कहा जाता है। इसका अर्थ है कि वस्तु का प्रतिबिम्ब (image) आँख के रेटिना (retina) पर स्पष्ट रूप से नहीं बन रहा है।
दृष्टिदोष के प्रकार और उनका निवारण
दृष्टिदोष मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं। इनका विवरण और निवारण नीचे दिया गया है:
1. निकट-दृष्टि दोष (Myopia or Near-sightedness)
* दोष का वर्णन: इस दोष से पीड़ित व्यक्ति को पास की वस्तुएँ तो स्पष्ट दिखाई देती हैं, परन्तु दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखाई देती हैं।
* निवारण: इस दोष को दूर करने के लिए चश्मे में उपयुक्त क्षमता वाले अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है। यह लेंस प्रकाश किरणों को थोड़ा अपसारित (diverge) कर देता है, जिससे अंतिम प्रतिबिम्ब सही जगह, यानी रेटिना पर बनता है।
2. दूर-दृष्टि दोष (Hypermetropia or Far-sightedness)
* दोष का वर्णन: इस दोष से पीड़ित व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ तो स्पष्ट दिखाई देती हैं, परन्तु पास की वस्तुएँ धुँधली दिखाई देती हैं।
* निवारण: इस दोष के निवारण के लिए चश्मे में उपयुक्त क्षमता वाले उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है। यह लेंस प्रकाश किरणों को अभिसरित (converge) करके उन्हें रेटिना पर सही ढंग से केंद्रित करने में मदद करता है।
3. जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia)
* दोष का वर्णन: यह दोष सामान्यतः बढ़ती उम्र के साथ होता है। इसमें व्यक्ति की नेत्र की समंजन क्षमता घट जाती है, जिससे उसे पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई होती है। यह एक प्रकार का दूर-दृष्टि दोष ही है जो उम्र के कारण होता है।
* निवारण:
* इसके निवारण के लिए भी उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
* कभी-कभी व्यक्ति को निकट-दृष्टि और दूर-दृष्टि, दोनों दोष एक साथ हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में, द्विफोकसी लेंस का उपयोग किया जाता है। इन चश्मों में ऊपरी भाग में अवतल लेंस (दूर देखने के लिए) और निचले भाग में उत्तल लेंस (पास देखने या पढ़ने के लिए) लगा होता है।
4. अबिन्दुकता (Astigmatism)
* दोष का वर्णन: इस दोष से पीड़ित व्यक्ति को क्षैतिज (horizontal) और ऊर्ध्वाधर (vertical) रेखाओं को एक साथ स्पष्ट देखने में कठिनाई होती है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है।
* निवारण: इस दोष को दूर करने के लिए बेलनाकार लेंस का उपयोग किया जाता है। यह लेंस कॉर्निया की अनियमितता को संतुलित करता है और प्रकाश को रेटिना पर एक बिंदु पर सही ढंग से केंद्रित करने में सहायता करता है।
25. कैमरे का कौन-सा भाग आँखों के रेटिना की तरह कार्य करता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (C) फिल्म
26. एक स्वस्थ मानव नेत्र के लिए निकट-बिन्दु तथा दूर-बिन्दु क्रमशः होते हैं (1 अंक)
सही उत्तर: (C) 25 cm एवं अनंत
27. चंद्रमा पर खड़े अंतरिक्ष यात्री को आकाश प्रतीत होता है (1 अंक)
सही उत्तर: (C) काला
28. नेत्र की समंजन-क्षमता कम हो जाने से उत्पन्न होता है (1 अंक)
सही उत्तर: (B) जरा-दृष्टि दोष
29. श्वेत प्रकाश में कितने रंग होते हैं ? (1 अंक)
सही उत्तर: 7
30. श्वेत प्रकाश का कौन-सा रंग (वर्ण) किसी प्रिज्म से गुजरने के पश्चात सबसे कम झुकता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: लाल
31. निम्न में से कौन पुतली की साइज को नियंत्रित करता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: परितारिका
32. निकट-दृष्टिदोष में किस लेंस का प्रयोग होता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: अवतल लेंस
33. दूर दृष्टिदोष क्या है ? (2 अंक)
दूर-दृष्टि दोष, जिसे दीर्घ-दृष्टि दोष भी कहा जाता है, आँखों का एक ऐसा अपवर्तक दोष है जिसमें व्यक्ति दूर की वस्तुओं को तो स्पष्ट रूप से देख सकता है, परन्तु पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है। इस दोष में निकट बिंदु सामान्य निकट बिंदु (25 सेमी) से दूर हो जाता है।
34. किसी चालक की प्रतिरोधकता का मात्रक है (1 अंक)
सही उत्तर: (Α) $\omega m$
35. 1 जूल में कितनी कैलोरी होती है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (A) 0.23
36. विद्युत बल्ब में फीलामेंट निम्नलिखित में किस धातु का बना होता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (C) टंगस्टन
37. विद्युत विभव कौन-सी राशि है ? (1 अंक)
सही उत्तर: अदिश राशि
38. भारत में उत्पादित प्रत्यावर्ती विद्युत धारा की आवृत्ति होती है (1 अंक)
सही उत्तर: 50 Hz
39. लंबाई बढ़ने से तार का प्रतिरोध क्या होता है ? (1 अंक)
सही उत्तर: बढ़ता है
40. 20°C पर सिल्वर की विद्युत प्रतिरोधकता है (1 अंक)
सही उत्तर: 1.60 × 10⁻⁸ Ωm
41. निम्न में से कौन किसी कुंडली का प्रतिरोध ज्ञात करने का सूत्र है ? (1 अंक)
सही उत्तर: R=V/I
42. प्रतिरोध का SI मात्रक है (1 अंक)
सही उत्तर: ओम
43. निम्न में से कौन विद्युत-ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (B) यूनिट
44. विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है ? (2 अंक)
45. विभवांतर से आप क्या समझते हैं ? (2 अंक)
सूत्र: विभवांतर (V) = किया गया कार्य (W) / आवेश (q)
46. विद्युत धारा क्या है ? इसका समीकरण एवं मात्रक लिखें। (2 अंक)
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
विद्युत धारा का समीकरण:
विद्युत धारा (I) का सूत्र है:
जहाँ:
= विद्युत धारा (एम्पीयर में),
= प्रवाहित विद्युत आवेश (कूलॉम में),
= समय (सेकंड में).
विद्युत धारा का मात्रक:
विद्युत धारा का SI मात्रक एम्पीयर है, जिसे से दर्शाया जाता है।
47. ऑस्टेंड के प्रयोग का वर्णन यह दर्शाने के लिए करें कि धारावाही चालक तार के इर्द-गिर्द चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। (5 अंक)
48. हवा में स्वतंत्र रूप से लटका हुआ क्षैतिज चुम्बक हमेशा आराम की स्थिति में रहता है (1 अंक)
सही उत्तर: (C) उत्तर-दक्षिण दिशा में
49. यदि एक विद्युत धारावाही तार के समीप कम्पास रखा जाता है, तो यह कम्पास की सुई (1 अंक)
सही उत्तर: (A) विक्षेपित होगी
50. फैराडे ने बहुत से क्रांतिकारी खोज की जिनमें शामिल है (1 अंक)
सही उत्तर: (C) (A) और (B) दोनों
51. विद्युत मोटर परिवर्तित करता है (1 अंक)
सही उत्तर: (B) विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
52. फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में बायें हाथ की तर्जनी संकेत करती है (1 अंक)
सही उत्तर: (A) चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
53. किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित करने पर तार के ऊपर तथा नीचे किस प्रकार के चुंबकीय क्षेत्र पैदा होते हैं ? (1 अंक)
सही उत्तर: (A) विपरीत प्रकार के
54. विद्युत मोटर की क्रिया आधारित है (1 अंक)
सही उत्तर: विद्युत-धारा और चुम्बकीय प्रभाव पर
55. निम्नलिखित में से किससे प्रेरित धारा को दिशा प्राप्त होती है ? (1 अंक)
सही उत्तर: लेंज के नियम से
56. विद्युत चुंबकीय प्रेरण से आप क्या समझते हैं ? (2 अंक)
सरल शब्दों में,
चुंबकीय प्रभाव से विद्युत प्रभाव उत्पन्न करने की प्रक्रिया को विद्युत चुम्बकीय प्रेरण कहते हैं। यह तब होता है जब किसी तार के पास चुंबक को ले जाया जाता है या तार को चुंबक के पास ले जाया जाता है, जिससे तार में एक प्रेरित धारा उत्पन्न होती है, जिसे प्रेरित धारा कहते हैं।
57. डायनेमो क्या है ? इसका क्या उपयोग है ? (2 अंक)
इसका मुख्य उपयोग साइकिल की लाइटों को बिजली देना, छोटे पवन टर्बाइनों को ऊर्जा प्रदान करना और हस्तचालित जनरेटरों में होता है.
58. विद्युत चुम्बक कैसे कार्य करता है ? (2 अंक)
59. खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन हैं। इनके भंडार सीमित हैं और पुनर्निर्माण भी असंभव है। क्योंकि इनका निर्माण एक जटिल एवं लंबी प्रक्रिया से होता है । खनिज आधुनिक औद्योगिक जगत् के आधार हैं। औद्योगिक विकास के क्रम में खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग उनके अस्तित्व को संकटग्रस्त कर दिया है। अतः खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन अपरिहार्य है । खनिजों का संरक्षण तीन बातों पर निर्भर है : (i) खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण (ii) उनका विवेकपूर्ण उपयोग जिससे खनिज का बचत किया जा सके (iii) कच्चे माल के रूप में इनके विकल्पों की खोज । उपर्युक्त बातों को अमल में लाकर खनिज के संकटग्रस्त अस्तित्व की रक्षा की जा सकती है। (5 अंक)
60. बायोगैस संयंत्र की बनावट और कार्यविधि का वर्णन करें। (5 अंक)
61. ऊर्जा-संकट क्या है ? इसके समाधान के उपायों का उल्लेख करें। (5 अंक)
ऊर्जा की कमी: यह वह स्थिति है जब ऊर्जा के मुख्य स्रोत (जैसे कोयला, पेट्रोल) खत्म होने लगते हैं और उनकी मांग पूरी नहीं हो पाती।
बढ़ती मांग: बढ़ती आबादी और औद्योगिकीकरण के कारण ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे संसाधनों पर दबाव पड़ता है।
सीमित जीवाश्म ईंधन: कोयला और पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित मात्रा में हैं और उन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं, इसलिए उनका अत्यधिक दोहन समस्या पैदा करता है।
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
1. नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विकास:
सौर ऊर्जा: घरों और उद्योगों में सौर पैनल लगाकर सूर्य से स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करना।
पवन ऊर्जा: पवन टर्बाइन लगाकर पवन ऊर्जा का उपयोग करना, जो एक मुफ़्त और नवीकरणीय स्रोत है।
अन्य स्रोत: जैव ऊर्जा (जैसे बायोगैस) और परमाणु ऊर्जा जैसे अन्य स्रोतों का भी विकास किया जा सकता है।
2. ऊर्जा दक्षता में सुधार:
ऊर्जा-कुशल उपकरण: पारंपरिक बल्बों की जगह एलईडी और सीएफएल जैसे ऊर्जा-कुशल बल्बों का उपयोग करना, जो बिजली की कम खपत करते हैं।
ऊर्जा संरक्षण: गैर-जरूरी लाइटों और पंखों को बंद रखना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और छोटी दूरी के लिए साइकिल चलाना।
वास्तुशिल्प उपाय: भवनों को पेडो/लताओं से आच्छादित करके उन्हें गर्म होने से बचाना और प्रकाश के लिए दीवारों पर हल्के रंग का उपयोग करना।
3.संसाधन प्रबंधन और नीतिगत सुधार:
जिम्मेदार उपयोग: ऊर्जा के प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना और उनकी बर्बादी को रोकना।
प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के लिए लोगों और उद्योगों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करना।
बुनियादी ढांचे में सुधार: ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान पैदा करने वाले पुराने बुनियादी ढांचे को सुधारना।
62. कलपक्कम नाभिकीय विद्युत संयंत्र किस राज्य में स्थित है ? (1 अंक)
सही उत्तर: तमिलनाडु
63. ऊर्जा के दो अनवीकरणीय स्रोत हैं (1 अंक)
सही उत्तर: कोयला तथा पेट्रोलियम
64. जल विद्युत ऊर्जा किस प्रकार का ऊर्जा स्रोत है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (A) नवीकरणीय
65. जीवाश्म ईंधन के जलने पर कौन-सी गैस मुक्त नहीं होती है ? (1 अंक)
सही उत्तर: ऑक्सीजन गैस
66. निम्न में से कौन-सा ऊर्जा का प्रदूषण मुक्त स्रोत है ? (1 अंक)
सही उत्तर: इनमें से सभी
67. निम्न में से कौन-सा जीवाश्म ईंधन में ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है? (1 अंक)
सही उत्तर: (C) सूर्य
68. निम्न में से किस रूप में महासागरों में ऊर्जा उपलब्ध है ? (1 अंक)
सही उत्तर: (D) इनमें से सभी
69. ऊर्जा का उत्तम स्रोत किसे कहते हैं ? (2 अंक)
i. जिससे अधिक मात्रा में ऊर्जा मिले,
ii. जिसे आसानी से प्राप्त और भंडारित किया जा सके,
iii. जो सस्ता हो,
iv. जो पर्यावरण को प्रदूषित न करे।
सूर्य एक आदर्श उदाहरण है क्योंकि यह असीम और स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करता है।
70. जीवाश्म ईंधन क्या होते हैं ? (2 अंक)
71. तारे एवं ग्रहों में प्रमुख अंतर लिखें। (2 अंक)
i. तारे अपना स्वयं का प्रकाश और गर्मी उत्पन्न करते हैं, जबकि ग्रह अपने तारे से प्रकाश परावर्तित करके चमकते हैं।
ii. तारे अत्यधिक गर्म गैसों (मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम) से बने होते हैं, जो नाभिकीय संलयन प्रक्रिया से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जबकि ग्रह ठोस, तरल या गैस से बने होते हैं, जो तारों की तुलना में बहुत छोटे और ठंडे होते हैं।
72. नाभिकीय संलयन क्या है ? (2 अंक)
73. नवीकरणीय और अनवीकरणीय स्रोत क्या हैं ? (2 अंक)
अनवीकरणीय स्रोत वे संसाधन हैं जिनका भण्डार सीमित होता है, और एक बार समाप्त होने के बाद उन्हें बनने में हज़ारों या लाखों साल लगते हैं, जैसे कोयला और पेट्रोलियम।